Monday, 24 April 2017
Sunday, 23 April 2017
List of 'DIET' in bihar
List of DIET in Bihar
1 -G.T.T.C, Turki Muzaffarpur
2- G.T.T.C, Samastipur Samastipur
3 -G.T.T.C, Chapra Saran
4 -G.T.T.C, Saharsa Saharsa
5- G.T.T.C, Gaya Gaya
6- G.T.T.C, Bhagalpur Bhagalpur
7 -DIET, Vikram Patna
8- DIET, Sonpur Saran
9- DIET, Panchayati Akhara Gaya
10- DIET, Narar Madhubani 11 -P T.E.C, Mahendru Patna 12- DIET, Shrinagar Purniya 13 -DIET, Piraunta Bhojpur 14 -DIET, Dumra Sitamarhi 15 -DIET, Muraual, Rambag Muzaffarpur
16- DIET, Khirnighat, Bhagalpur Bhagalpur
17- P T.E.C, Siwan Siwan
18 -DIET, Fazalganj, Sasaram Rohtas
19- DIET, Nawada Navada
20- DIET, Shahpur, Begusarai Begusarai
21 -P T.E.C, Ghoghardiha Madhubani -
22- DIET, Madhepura Madhepura
23 -DIET, Kumarbag West Champaran
24- DIET, Siwan Siwan
25- DIET, Tarar, Daudnagar Aurangabad
26- DIET, Teekapatti Katihar 27 -DIET, Allapatti, Kilaghat Darbhanga
28 -DIET, Thave Gopalganj 29- P T.E.C, Sasaram Rohtas 30- DIET, Chatauni, Motihari East Champaran
31- P.T.E.C, Farbisganj Arariya
32 -P.T.E.C, Babutola, Banka Banka
33- P.T.E.C, Dumraon Buxar
34- P T.E.C, Bangara Saran 35- P.T.E.C, Ramganj Khagariya
36- P.T.E.C, Lakhisaray Lakhisaray
37- P.T.E.C, Shekhpura Shekhpura
38- P.T.E.C, Sheohar Sheohar
39 -P.T.E.C, Kishanganj Kishanganj
40- P.T.E.C, Barh Patna
41- P T.E.C, Valmikinagar West Champaran
42- P T.E.C, Dariyapur East Champaran
43- P T.E.C, Sorahattha Vaishali
44 -P.T.E.C, Vishnupur Begusarai
45- P.T.E.C, Musapur Katihar 46- W.P.T.E.C, Mokama Patna
47- B.N.R.C, Gulzarbagh Patna
48- P.T.E.C, Shahpur Aurangabad
49- P.T.E.C, Haveli, Kharagpur Munger
50- P.T.E.C, Sukhasan Manahara Madheura
51- P.T.E.C, Fulwariya Bhagalpur
52- P.T.E.C, Modhapatti Darbhanga
53 -P.T.E.C, Rampur, Jalalpur Samastipur
54 -P.T.E.C, Shahpur Patori Samastipur
55 -P.T.E.C, Nagarpara Bhagalpur
56 -P.T.E.C, Patahi Muzaffarpur
57 -P T.E.C, Chandawara Muzaffarpur
58 -P.T.E.C, Sherghati Gaya 59 -P.T.E.C, Bihiyan Bhojpur 60 -P.T.E.C, Masaudi Patna 61 -P.T.E.C, Mohaniya Kaimur
62 -DIET, Noorsaray Nalanda 63 -DIET, Pusa Samastipur 64 -DIET, Dighi Vaishali
• 65 -DIET, Purabsaray Munger
1 -G.T.T.C, Turki Muzaffarpur
2- G.T.T.C, Samastipur Samastipur
3 -G.T.T.C, Chapra Saran
4 -G.T.T.C, Saharsa Saharsa
5- G.T.T.C, Gaya Gaya
6- G.T.T.C, Bhagalpur Bhagalpur
7 -DIET, Vikram Patna
8- DIET, Sonpur Saran
9- DIET, Panchayati Akhara Gaya
10- DIET, Narar Madhubani 11 -P T.E.C, Mahendru Patna 12- DIET, Shrinagar Purniya 13 -DIET, Piraunta Bhojpur 14 -DIET, Dumra Sitamarhi 15 -DIET, Muraual, Rambag Muzaffarpur
16- DIET, Khirnighat, Bhagalpur Bhagalpur
17- P T.E.C, Siwan Siwan
18 -DIET, Fazalganj, Sasaram Rohtas
19- DIET, Nawada Navada
20- DIET, Shahpur, Begusarai Begusarai
21 -P T.E.C, Ghoghardiha Madhubani -
22- DIET, Madhepura Madhepura
23 -DIET, Kumarbag West Champaran
24- DIET, Siwan Siwan
25- DIET, Tarar, Daudnagar Aurangabad
26- DIET, Teekapatti Katihar 27 -DIET, Allapatti, Kilaghat Darbhanga
28 -DIET, Thave Gopalganj 29- P T.E.C, Sasaram Rohtas 30- DIET, Chatauni, Motihari East Champaran
31- P.T.E.C, Farbisganj Arariya
32 -P.T.E.C, Babutola, Banka Banka
33- P.T.E.C, Dumraon Buxar
34- P T.E.C, Bangara Saran 35- P.T.E.C, Ramganj Khagariya
36- P.T.E.C, Lakhisaray Lakhisaray
37- P.T.E.C, Shekhpura Shekhpura
38- P.T.E.C, Sheohar Sheohar
39 -P.T.E.C, Kishanganj Kishanganj
40- P.T.E.C, Barh Patna
41- P T.E.C, Valmikinagar West Champaran
42- P T.E.C, Dariyapur East Champaran
43- P T.E.C, Sorahattha Vaishali
44 -P.T.E.C, Vishnupur Begusarai
45- P.T.E.C, Musapur Katihar 46- W.P.T.E.C, Mokama Patna
47- B.N.R.C, Gulzarbagh Patna
48- P.T.E.C, Shahpur Aurangabad
49- P.T.E.C, Haveli, Kharagpur Munger
50- P.T.E.C, Sukhasan Manahara Madheura
51- P.T.E.C, Fulwariya Bhagalpur
52- P.T.E.C, Modhapatti Darbhanga
53 -P.T.E.C, Rampur, Jalalpur Samastipur
54 -P.T.E.C, Shahpur Patori Samastipur
55 -P.T.E.C, Nagarpara Bhagalpur
56 -P.T.E.C, Patahi Muzaffarpur
57 -P T.E.C, Chandawara Muzaffarpur
58 -P.T.E.C, Sherghati Gaya 59 -P.T.E.C, Bihiyan Bhojpur 60 -P.T.E.C, Masaudi Patna 61 -P.T.E.C, Mohaniya Kaimur
62 -DIET, Noorsaray Nalanda 63 -DIET, Pusa Samastipur 64 -DIET, Dighi Vaishali
• 65 -DIET, Purabsaray Munger
Wednesday, 8 March 2017
निर्णायक फैसला
आज दिनांक 07 मार्च 2017 को मिडिल स्कूल BMC मकतब परिहार में शाम के
4:00PM में उर्दू TET शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक जिलाध्यक्ष जनाब महफूज आलम
खान के नेतृत्वा में संपन्न हुई; जिसमें परिहार प्रखंड में उर्दू TET शिक्षक संघ
के विभिन्न पदों पर विभिन्न शिक्षकों को गठित किया गया जो निम्न प्रकार से हैं:-
प्रखंड अध्यक्ष :- मो० आफ़ताब आलम
प्रखंड सचिव :- मो० इन्तेखाब परवेज
प्रखंड संयोजक :- मो० बखतेयार अहमद
प्रखंड कोषाध्यक्ष :- मो० शरफे आलम
मीडिया प्रभारी:- मो0 अतिकुर्रहमान
मीडिया प्रभारी:- मो0 अतिकुर्रहमान
प्रखंड उपाध्यक्ष :- मो० तौसीफ
प्रखंड उपसचिव :- मो० नौशाद आलम
प्रखंड कार्यालय सचिव :- मो० आरिफ
जहाँ
मुख्य अतिथि के रूप में डुमरा प्रखंड अध्यक्ष मो० सदाक़त अंसारी उपस्थित थे। साथ
में परिहार प्रखंड के सभी उर्दू tet शिक्षक गण मो० अंसार अंसारी उर्फ़ (प्यारे), मो०
हामिद अफज़ा, मो० उमर सैफुल्लाह, मो० अतिकुर्रहमान, मो० अल्ताफ हुसैन, अब्दुल अहद,
मो० ओजैर अहमद, मो० मिन्नतुल्लाह अंसारी एवं अन्य लोगों ने अपनी अपनी उपस्थिति
दर्ज कर एक अहम् भागीदारी निभाई एवं बैठक को सफल बनाया जिसका हमारा संगठन तहे दिल
से शुक्रिया अदा करता है।
Tuesday, 7 March 2017
"मेरी दुनिया मेरे जज़्बात"
मैँ नही जानता कि, मैँ क्योँ लिखता हूँ,
बस, खाली पन्ने यूँ देखे नहीँ जाते,
इनसे ही अपना अकेलापन बाँट लेता हूँ...
मेरे ख़्यालोँ का आइना है ये,मेरी अनकही बातेँ मेरे अनसुने जज़्बात हैँ ये..
इनपर जो स्याही है, मेरे सपनोँ,मेरे छुपे आँसू,मेरे दर्द, मेरे प्यार कि हैँ..
इनपर मैँ पूरी तरह आजाद हूँ, इनपर न कोई रोक है न कोई टोक..
कभी भर देता हूँ इन्हे,दिये की लौ से,कभी बचपन की यादोँ से,कभी उस हसीन की तारीफ़ोँ से..
ये पन्ने कुछ जवाब नही देते,बस सुन लेते हैँ मेरी बात,कैद कर लेते हैँ खुद मेँ,
"मेरी दुनिया मेरे जज़्बात"
बस, खाली पन्ने यूँ देखे नहीँ जाते,
इनसे ही अपना अकेलापन बाँट लेता हूँ...
मेरे ख़्यालोँ का आइना है ये,मेरी अनकही बातेँ मेरे अनसुने जज़्बात हैँ ये..
इनपर जो स्याही है, मेरे सपनोँ,मेरे छुपे आँसू,मेरे दर्द, मेरे प्यार कि हैँ..
इनपर मैँ पूरी तरह आजाद हूँ, इनपर न कोई रोक है न कोई टोक..
कभी भर देता हूँ इन्हे,दिये की लौ से,कभी बचपन की यादोँ से,कभी उस हसीन की तारीफ़ोँ से..
ये पन्ने कुछ जवाब नही देते,बस सुन लेते हैँ मेरी बात,कैद कर लेते हैँ खुद मेँ,
"मेरी दुनिया मेरे जज़्बात"
Friday, 3 March 2017
Convent की तर्ज पर शिक्षा
प्राइवेट स्कुल में 5 साल में पहली कक्षा पास करवाईजाती हैं ।
1-- Play school
2--nursery
3--L.K.G.
4--U.K.G.
5--First,
सरकारी स्कुल में 5 साल में 5 वी पास करने का राज्यादेश सरकार द्वारा लागू किया गयाहैं।
1-- छात्र विद्यालय न आये तो भी।
2--फेल नहीं करना हैं
3-- प्रतिवर्ष प्रोन्नत करना है
4--निरन्तर अनुपस्थिति पर भी नाम नहीं काटना हैं।
5--ड्रोप आउट नहीं करना हैं ।
:- प्राइवेट में :---
आठ कालांश,
आठ अध्यापक ,
एक प्रधानाध्यापक
एक कार्यालय सहायक
एक चपरासी
एक व्यवस्थापक
बारह का स्टाफ होता है
8 वी तक की स्कुल में
जबकी सरकारी स्कुल में
आठ कालांश
चालीस छात्र पर एक अध्यापक
औसत तीन अध्यापक ।
शहरों के आसपास स्कूलों में 8 से 15 तक का स्टॉफ नामांकन 20 से 60-80 जबकि गाँवों में 100 से 250 तक नामांकन स्टॉफ 1 से 3-4 तक
उस समय मीडिया और अधिकारी ..............?
सरकारी स्कुल में एक अध्यापक निम्न पदों पर काम करता हैं ।
1--कार्यवाहक प्रधानाध्यापक
2--विषय अध्यापक
3--कार्यालय बाबू
4-- चपरासी
5--डाकिया
6--ई-ग्राम प्रभारी
7--पोषाहार प्रभारी
8--नोडल अधिकारी
9--पुस्तकालय बाबू
10-- P,T,I .
11--जाति प्रमाण पत्र बनाना।
12--वोटर ID बनाना।
13--सर्वे करना।
14--मध्यान्ह भोजन।
15--बिल्डिंग बनाना।
16--प्रतियोगी परीक्षाओं में ड्यूटी।
17--मरम्त और रंगरोगन|
18--दवाई देना|
19--चुनाव करवाना|
20--SMC की मीटिंग करना|
21--विभिन्न प्रशिक्षणों में जाना|
22-- लेखाकार का कार्य|
23-- शिक्षण व्यवस्था हेतु अन्य स्कूल में|
24--बोर्ड परीक्षा में|
25- विभिन्न बैठकों में जाना जैसे ग्राम पंचायत ,आदर्श विद्यालय ,vc बैठक , 26- स्वच्छता कार्यक्रमों का आयोजन 27- स्वास्थ परीक्षण बच्चों का करवाना 28- आयरन टेबलेट वितरण 29- डायरी लेखन 30- रोजाना पौसाहार और अन्य सामाग्री खरीदना और स्टॉक रजिस्टर की पूर्ति करना 31- खेल कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन करना 32- पाठ्यपुस्तकों का लाना ,वितरण करना 33- प्रवेशोत्सव के समय और अन्य विभिन अवसरों पर रैलियों का आयोजन , 34- बालकों के बैंक खाते खुलवाना 35- विभिन्न उत्त्सव मनाना 36- अन्य समय समय पर सरकार द्वारा दिये जानें वाले आदेशों को लागू की पालना करना
सरकार एक काम का भी पूरा वेतन ना देकर दस पदों का काम करवाती है।
फिर गलती निकालती है सरकार।
AC में बैठने वाले कमियाँ निकलना जानते हैं काम करना नहीं जानते।
1-- Play school
2--nursery
3--L.K.G.
4--U.K.G.
5--First,
सरकारी स्कुल में 5 साल में 5 वी पास करने का राज्यादेश सरकार द्वारा लागू किया गयाहैं।
1-- छात्र विद्यालय न आये तो भी।
2--फेल नहीं करना हैं
3-- प्रतिवर्ष प्रोन्नत करना है
4--निरन्तर अनुपस्थिति पर भी नाम नहीं काटना हैं।
5--ड्रोप आउट नहीं करना हैं ।
:- प्राइवेट में :---
आठ कालांश,
आठ अध्यापक ,
एक प्रधानाध्यापक
एक कार्यालय सहायक
एक चपरासी
एक व्यवस्थापक
बारह का स्टाफ होता है
8 वी तक की स्कुल में
जबकी सरकारी स्कुल में
आठ कालांश
चालीस छात्र पर एक अध्यापक
औसत तीन अध्यापक ।
शहरों के आसपास स्कूलों में 8 से 15 तक का स्टॉफ नामांकन 20 से 60-80 जबकि गाँवों में 100 से 250 तक नामांकन स्टॉफ 1 से 3-4 तक
उस समय मीडिया और अधिकारी ..............?
सरकारी स्कुल में एक अध्यापक निम्न पदों पर काम करता हैं ।
1--कार्यवाहक प्रधानाध्यापक
2--विषय अध्यापक
3--कार्यालय बाबू
4-- चपरासी
5--डाकिया
6--ई-ग्राम प्रभारी
7--पोषाहार प्रभारी
8--नोडल अधिकारी
9--पुस्तकालय बाबू
10-- P,T,I .
11--जाति प्रमाण पत्र बनाना।
12--वोटर ID बनाना।
13--सर्वे करना।
14--मध्यान्ह भोजन।
15--बिल्डिंग बनाना।
16--प्रतियोगी परीक्षाओं में ड्यूटी।
17--मरम्त और रंगरोगन|
18--दवाई देना|
19--चुनाव करवाना|
20--SMC की मीटिंग करना|
21--विभिन्न प्रशिक्षणों में जाना|
22-- लेखाकार का कार्य|
23-- शिक्षण व्यवस्था हेतु अन्य स्कूल में|
24--बोर्ड परीक्षा में|
25- विभिन्न बैठकों में जाना जैसे ग्राम पंचायत ,आदर्श विद्यालय ,vc बैठक , 26- स्वच्छता कार्यक्रमों का आयोजन 27- स्वास्थ परीक्षण बच्चों का करवाना 28- आयरन टेबलेट वितरण 29- डायरी लेखन 30- रोजाना पौसाहार और अन्य सामाग्री खरीदना और स्टॉक रजिस्टर की पूर्ति करना 31- खेल कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन करना 32- पाठ्यपुस्तकों का लाना ,वितरण करना 33- प्रवेशोत्सव के समय और अन्य विभिन अवसरों पर रैलियों का आयोजन , 34- बालकों के बैंक खाते खुलवाना 35- विभिन्न उत्त्सव मनाना 36- अन्य समय समय पर सरकार द्वारा दिये जानें वाले आदेशों को लागू की पालना करना
सरकार एक काम का भी पूरा वेतन ना देकर दस पदों का काम करवाती है।
फिर गलती निकालती है सरकार।
AC में बैठने वाले कमियाँ निकलना जानते हैं काम करना नहीं जानते।
Sunday, 26 February 2017
Wednesday, 22 February 2017
एक आकर्षक पत्र
सिंगापुर में परीक्षा से पहले प्रिंसिपल ने बच्चों के पेरेंट्स को एक लेटर भेजा जो इस प्रकार है ,
➰➰➰➰➰➰➰➰➰➰
"डियर पेरेंट्स,
मैं जानता हूं आप इसको लेकर बहुत बेचैन हैं कि आपका बेटा इम्तिहान में अच्छा प्रदर्शन करें ,लेकिन ध्यान रखें कि यह बच्चे जो इम्तिहान दे रहे हैं इनमें भविष्य के अच्छे कलाकार भी हैं जिन्हें गणित समझने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, इनमें बड़ी बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भी बैठे हैं जिन्हें इंग्लिश लिटरेचर और इतिहास समझने की जरूरत नहीं है, इन बच्चों में भविष्य के बड़े-बड़े संगीतकार भी हैं जिनकी नजर में केमिस्ट्री के कम अंकों का कोई महत्व नहीं, इन सबका इनके भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ने वाला इन बच्चों में भविष्य के एथलीट्स भी हैं जिनकी नजर में उनके मार्क्स से ज्यादा उन की फिटनेस जरूरी है| लिहाजा अगर आपका बच्चा ज्यादा नंबर लाता है तो बहुत अच्छी बात है लेकिन अगर वह ज्यादा नंबर नहीं ला सका तो तो आप बच्चे से उसका आत्मविश्वास और उसका स्वाभिमान ना छीन ले l अगर वह अच्छे नंबर ना ला सके तो आप उन्हें हौसला दीजिएगा की कोई बात नहीं यह एक छोटा सा इम्तिहान हैl वह तो जिंदगी में इससे भी कुछ बड़ा करने के लिए बनाए गए हैं l अगर वह कम मार्क्स लाते हैं तो आप उन्हें बता दें कि आप फिर भी इनसे प्यार करते हैं और आप उन्हें उन के कम अंको की वजह से जज नहीं करेंगे l ईश्वर के लिए ऐसा ही कीजिएगा और जब आप ऐसा करेंगे फिर देखिएगा कि आपका बच्चा दुनिया भी जीत लेगा l एक इम्तिहान और कम नंबर आपके बच्चे से इसके सपने और इसका टैलेंट नहीं छीन सकते और हां प्लीज ऐसा मत सोचिएगा कि इस दुनिया में सिर्फ डॉक्टर और इंजीनियर ही खुश रहते हैं "अपने बच्चों को एक. अच्छा इंसान बनने की शिक्षा दीजिये.केवल अंक ही बच्चों की योग्यता का मापदंड नही हैं.😊
आपका प्रधानाचार्य
➰➰➰➰➰➰➰➰➰➰
"डियर पेरेंट्स,
मैं जानता हूं आप इसको लेकर बहुत बेचैन हैं कि आपका बेटा इम्तिहान में अच्छा प्रदर्शन करें ,लेकिन ध्यान रखें कि यह बच्चे जो इम्तिहान दे रहे हैं इनमें भविष्य के अच्छे कलाकार भी हैं जिन्हें गणित समझने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, इनमें बड़ी बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भी बैठे हैं जिन्हें इंग्लिश लिटरेचर और इतिहास समझने की जरूरत नहीं है, इन बच्चों में भविष्य के बड़े-बड़े संगीतकार भी हैं जिनकी नजर में केमिस्ट्री के कम अंकों का कोई महत्व नहीं, इन सबका इनके भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ने वाला इन बच्चों में भविष्य के एथलीट्स भी हैं जिनकी नजर में उनके मार्क्स से ज्यादा उन की फिटनेस जरूरी है| लिहाजा अगर आपका बच्चा ज्यादा नंबर लाता है तो बहुत अच्छी बात है लेकिन अगर वह ज्यादा नंबर नहीं ला सका तो तो आप बच्चे से उसका आत्मविश्वास और उसका स्वाभिमान ना छीन ले l अगर वह अच्छे नंबर ना ला सके तो आप उन्हें हौसला दीजिएगा की कोई बात नहीं यह एक छोटा सा इम्तिहान हैl वह तो जिंदगी में इससे भी कुछ बड़ा करने के लिए बनाए गए हैं l अगर वह कम मार्क्स लाते हैं तो आप उन्हें बता दें कि आप फिर भी इनसे प्यार करते हैं और आप उन्हें उन के कम अंको की वजह से जज नहीं करेंगे l ईश्वर के लिए ऐसा ही कीजिएगा और जब आप ऐसा करेंगे फिर देखिएगा कि आपका बच्चा दुनिया भी जीत लेगा l एक इम्तिहान और कम नंबर आपके बच्चे से इसके सपने और इसका टैलेंट नहीं छीन सकते और हां प्लीज ऐसा मत सोचिएगा कि इस दुनिया में सिर्फ डॉक्टर और इंजीनियर ही खुश रहते हैं "अपने बच्चों को एक. अच्छा इंसान बनने की शिक्षा दीजिये.केवल अंक ही बच्चों की योग्यता का मापदंड नही हैं.😊
आपका प्रधानाचार्य
Sunday, 19 February 2017
समान काम समान वेतन
'समान काम समान वेतन' सभी कर्मचरियों का संवैधानिक अधिकार है। 26 अक्टूबर 2016, को दिए अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी प्रकार के कर्मचारी, चाहे वो स्थायी हों या अस्थायी, यदि वो समान काम करते हैं तो उन्हें समान वेतन मिलना चाहिए। लेकिन अफ़सोस की बात है कि बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले की अवहेलना कर रही है।
बिहार सरकार ने विभिन्न प्रक्रियाओं से पिछले डेढ़ दशक में बिहार में लगभग 4 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की है। ये शिक्षकों एक समान परिस्थितियों में एक समान कार्य करते हैं लेकिन इनके वेतन में भारी असमानता है। जहाँ एक शिक्षक को 50-60 हज़ार रूपए वेतन मिलता है वहीँ दूसरे शिक्षक को मात्र 12 हज़ार रूपए। ये न केवल संवैधानिक अधिकारों का हनन है बल्कि सुप्रीम कोर्ट के कथनानुसार शोषण एवं उत्पीड़न है।
आप सभी से आग्रह है कि इस याचिका पर sign कर कर के एक सन्देश दें, सरकार को एवं आम जनता को, कि हमें हमारा संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए और हमारा शोषण बंद हो।
बिहार सरकार ने विभिन्न प्रक्रियाओं से पिछले डेढ़ दशक में बिहार में लगभग 4 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की है। ये शिक्षकों एक समान परिस्थितियों में एक समान कार्य करते हैं लेकिन इनके वेतन में भारी असमानता है। जहाँ एक शिक्षक को 50-60 हज़ार रूपए वेतन मिलता है वहीँ दूसरे शिक्षक को मात्र 12 हज़ार रूपए। ये न केवल संवैधानिक अधिकारों का हनन है बल्कि सुप्रीम कोर्ट के कथनानुसार शोषण एवं उत्पीड़न है।
आप सभी से आग्रह है कि इस याचिका पर sign कर कर के एक सन्देश दें, सरकार को एवं आम जनता को, कि हमें हमारा संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए और हमारा शोषण बंद हो।
"कामयाबी का राज"
: मशहूर पाकिस्तानी लेखक मरहूम अशफ़ाक़ अहमद लिखते हैं :
रोम (इटली) में मेरा चालान हुआ। बिज़ी होने की वजह से फीस वक़्त पर जमा ना कर सका।
जिसकी वजह से कोर्ट जाना पड़ा।
जज के सामने पेश हुआ तो उनहोने वजह पूछी ?
मैंनें कहा प्रोफ़ेसर हूँ मसरूफ ऐसा रहा के वक़्त ही ना मिला
इस से पहले के मैं बात पूरी करता जज ने कहा
*"A TEACHER IS IN THE COURT"* और सब लोग खड़े हो गए और मुझ से माफ़ी मांग कर चालान कैंसिल कर दिया।
उस रोज़ मैं उस मुल्क की कामयाबी का राज़ जान गया !
रोम (इटली) में मेरा चालान हुआ। बिज़ी होने की वजह से फीस वक़्त पर जमा ना कर सका।
जिसकी वजह से कोर्ट जाना पड़ा।
जज के सामने पेश हुआ तो उनहोने वजह पूछी ?
मैंनें कहा प्रोफ़ेसर हूँ मसरूफ ऐसा रहा के वक़्त ही ना मिला
इस से पहले के मैं बात पूरी करता जज ने कहा
*"A TEACHER IS IN THE COURT"* और सब लोग खड़े हो गए और मुझ से माफ़ी मांग कर चालान कैंसिल कर दिया।
उस रोज़ मैं उस मुल्क की कामयाबी का राज़ जान गया !
कविता
*गुरु थे, कर्मचारी हो गए हैं ।*
*दांतों फंसी सुपारी हो गए हैं ।।*
*महकमा सारा हमको ढूँढता है।*
*हम संक्रामक बीमारी हो गए हैं ।।*
*इसे चमचागिरी की हद ही कहिये।*
*कई शिक्षक अधिकारी हो गए हैं ।।*
*अब वे अकेले कईयों को नचाते हैं ।*
*और हम टीचर से मदारी हो गए हैं ।।*
*उन्हें अब चाक डस्टर से क्या मतलब ।*
*जो ब्लॉक/संकुल प्रभारी हो गए हैं ।।*
*कमीशन इसमें,उसमें, इसमें भी दो।*
*हम दे-दे कर भिखारी हो गए हैं ॥*
*मिला है MDM का चार्ज जबसे ।*
*गुरुजी भी भंडारी हो गए हैं ॥*
*बी ई ओ ऑफिस को मंदिर समझ कर ।*
*कई टीचर पुजारी हो गए हैं ॥*
*पढ़ाने से जिन्हें मतलब नहीं है ।*
*वो प्रशिक्षण प्रभारी हो गए हैं ॥*
*खटारा बस बनी शिक्षा व्यवस्था ।*
*और हम लटकी सवारी हो गए हैं ।।*
*स्कूलों में पढ़ाने नहीं दे रही सरकार ।* *केवल डाक देने वाले डाकिया हो गये ।।*
*हक की लड़ाई लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है ।*
*शिक्षक अब गुरु नहीं रहे केवल सरकारी गुलाम रह गए ।।*
*अब विभाग ई-अटेंडेंस से हमारी निगरानी करेगा ।*
*मानो हम "शिक्षक" नहीं, "मोस्ट वांटेड अपराधी" हो गए ।।*
By:- sharfe
*दांतों फंसी सुपारी हो गए हैं ।।*
*महकमा सारा हमको ढूँढता है।*
*हम संक्रामक बीमारी हो गए हैं ।।*
*इसे चमचागिरी की हद ही कहिये।*
*कई शिक्षक अधिकारी हो गए हैं ।।*
*अब वे अकेले कईयों को नचाते हैं ।*
*और हम टीचर से मदारी हो गए हैं ।।*
*उन्हें अब चाक डस्टर से क्या मतलब ।*
*जो ब्लॉक/संकुल प्रभारी हो गए हैं ।।*
*कमीशन इसमें,उसमें, इसमें भी दो।*
*हम दे-दे कर भिखारी हो गए हैं ॥*
*मिला है MDM का चार्ज जबसे ।*
*गुरुजी भी भंडारी हो गए हैं ॥*
*बी ई ओ ऑफिस को मंदिर समझ कर ।*
*कई टीचर पुजारी हो गए हैं ॥*
*पढ़ाने से जिन्हें मतलब नहीं है ।*
*वो प्रशिक्षण प्रभारी हो गए हैं ॥*
*खटारा बस बनी शिक्षा व्यवस्था ।*
*और हम लटकी सवारी हो गए हैं ।।*
*स्कूलों में पढ़ाने नहीं दे रही सरकार ।* *केवल डाक देने वाले डाकिया हो गये ।।*
*हक की लड़ाई लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है ।*
*शिक्षक अब गुरु नहीं रहे केवल सरकारी गुलाम रह गए ।।*
*अब विभाग ई-अटेंडेंस से हमारी निगरानी करेगा ।*
*मानो हम "शिक्षक" नहीं, "मोस्ट वांटेड अपराधी" हो गए ।।*
By:- sharfe
Tuesday, 7 February 2017
Subscribe to:
Posts (Atom)










