Wednesday, 8 March 2017

निर्णायक फैसला


                             


           आज दिनांक 07 मार्च 2017 को मिडिल स्कूल BMC मकतब परिहार में शाम के 4:00PM में उर्दू TET शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक जिलाध्यक्ष जनाब महफूज आलम खान के नेतृत्वा में संपन्न हुई; जिसमें परिहार प्रखंड में उर्दू TET शिक्षक संघ के विभिन्न पदों पर विभिन्न शिक्षकों को गठित किया गया जो निम्न प्रकार से हैं:-
प्रखंड अध्यक्ष :- मो० आफ़ताब आलम
प्रखंड सचिव :- मो० इन्तेखाब परवेज
प्रखंड संयोजक :- मो० बखतेयार अहमद
प्रखंड कोषाध्यक्ष :- मो० शरफे आलम 
मीडिया प्रभारी:- मो0 अतिकुर्रहमान
प्रखंड उपाध्यक्ष :- मो० तौसीफ
प्रखंड उपसचिव :- मो० नौशाद आलम
प्रखंड कार्यालय सचिव :- मो० आरिफ

                                  जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में डुमरा प्रखंड अध्यक्ष मो० सदाक़त अंसारी उपस्थित थे। साथ में परिहार प्रखंड के सभी उर्दू tet शिक्षक गण मो० अंसार अंसारी उर्फ़ (प्यारे), मो० हामिद अफज़ा, मो० उमर सैफुल्लाह, मो० अतिकुर्रहमान, मो० अल्ताफ हुसैन, अब्दुल अहद, मो० ओजैर अहमद, मो० मिन्नतुल्लाह अंसारी एवं अन्य लोगों ने अपनी अपनी उपस्थिति दर्ज कर एक अहम् भागीदारी निभाई एवं बैठक को सफल बनाया जिसका हमारा संगठन तहे दिल से शुक्रिया अदा करता है। 

Tuesday, 7 March 2017

"मेरी दुनिया मेरे जज़्बात"




मैँ नही जानता कि, मैँ क्योँ लिखता हूँ,
बस, खाली पन्ने यूँ देखे नहीँ जाते,
इनसे ही अपना अकेलापन बाँट लेता हूँ...
मेरे ख़्यालोँ का आइना है ये,मेरी अनकही बातेँ मेरे अनसुने जज़्बात हैँ ये..
इनपर जो स्याही है, मेरे सपनोँ,मेरे छुपे आँसू,मेरे दर्द, मेरे प्यार कि हैँ..
इनपर मैँ पूरी तरह आजाद हूँ, इनपर न कोई रोक है न कोई टोक..
कभी भर देता हूँ इन्हे,दिये की लौ से,कभी बचपन की यादोँ से,कभी उस हसीन की तारीफ़ोँ से..
ये पन्ने कुछ जवाब नही देते,बस सुन लेते हैँ मेरी बात,कैद कर लेते हैँ खुद मेँ,
"मेरी दुनिया मेरे जज़्बात"

Friday, 3 March 2017

Convent की तर्ज पर शिक्षा

प्राइवेट स्कुल में 5 साल में पहली कक्षा पास करवाईजाती हैं ।
1-- Play school
2--nursery
3--L.K.G.
4--U.K.G.
5--First,
सरकारी स्कुल में 5 साल में 5 वी पास करने का राज्यादेश सरकार द्वारा लागू किया गयाहैं।
1-- छात्र विद्यालय न आये तो भी।
2--फेल नहीं करना हैं
3-- प्रतिवर्ष प्रोन्नत करना है
4--निरन्तर अनुपस्थिति पर भी नाम नहीं काटना हैं।
5--ड्रोप आउट नहीं करना हैं ।
:- प्राइवेट में :---
आठ कालांश,
आठ अध्यापक ,
एक प्रधानाध्यापक
एक कार्यालय सहायक
एक चपरासी
एक व्यवस्थापक
बारह का स्टाफ होता है
8 वी तक की स्कुल में
जबकी सरकारी स्कुल में
आठ कालांश
चालीस छात्र पर एक अध्यापक
औसत तीन अध्यापक ।
शहरों के आसपास स्कूलों में 8 से 15 तक का स्टॉफ नामांकन 20 से 60-80 जबकि गाँवों में 100 से 250 तक नामांकन स्टॉफ 1 से 3-4 तक
उस समय मीडिया और अधिकारी ..............?
सरकारी स्कुल में एक अध्यापक निम्न पदों पर काम करता हैं ।
1--कार्यवाहक प्रधानाध्यापक
2--विषय अध्यापक
3--कार्यालय बाबू
4-- चपरासी
5--डाकिया
6--ई-ग्राम प्रभारी
7--पोषाहार प्रभारी
8--नोडल अधिकारी
9--पुस्तकालय बाबू
10-- P,T,I .
11--जाति प्रमाण पत्र बनाना।
12--वोटर ID बनाना।
13--सर्वे करना।
14--मध्यान्ह भोजन।
15--बिल्डिंग बनाना।
16--प्रतियोगी परीक्षाओं में ड्यूटी।
17--मरम्त और रंगरोगन|
18--दवाई देना|
19--चुनाव करवाना|
20--SMC की मीटिंग करना|
21--विभिन्न प्रशिक्षणों में जाना|
22-- लेखाकार का कार्य|
23-- शिक्षण व्यवस्था हेतु अन्य स्कूल में|
24--बोर्ड परीक्षा में|
25- विभिन्न बैठकों में जाना जैसे ग्राम पंचायत ,आदर्श विद्यालय ,vc बैठक , 26- स्वच्छता कार्यक्रमों का आयोजन 27- स्वास्थ परीक्षण बच्चों का करवाना 28- आयरन टेबलेट वितरण 29- डायरी लेखन 30- रोजाना पौसाहार और अन्य सामाग्री खरीदना और स्टॉक रजिस्टर की पूर्ति करना 31- खेल कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन करना 32- पाठ्यपुस्तकों का लाना ,वितरण करना 33- प्रवेशोत्सव के समय और अन्य विभिन अवसरों पर रैलियों का आयोजन , 34- बालकों के बैंक खाते खुलवाना 35- विभिन्न उत्त्सव मनाना 36- अन्य समय समय पर सरकार द्वारा दिये जानें वाले आदेशों को लागू की पालना करना
सरकार एक काम का भी पूरा वेतन ना देकर दस पदों का काम करवाती है।
फिर गलती निकालती है सरकार।
AC में बैठने वाले कमियाँ निकलना जानते हैं काम करना नहीं जानते।